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Nirav Modi May Soon Get Bail Says British Lawyer – नीरव मोदी को जल्द मिल सकती है जमानत: ब्रिटिश वकील

पीएनबी घोटाले का आरोपी नीरव मोदी
– फोटो : PTI

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पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को 13,500 करोड़ रुपये का चूना लगाकर विदेश भागे हीरा कारोबारी नीरव मोदी को अगली याचिका की सुनवाई के बाद जमानत मिल सकती है। ये बात प्रत्यर्पण के मामले लड़ने वाले एक ब्रिटिश वकील ने कही है। 

विशेष रूप से प्रत्यर्पण के मामले लड़ने वाले ये वकील बेन कीथ ऐसे ही तीन और लोगों के मामले भी लड़ रहे हैं, जिन्हें भारत सरकार ने वॉन्टिड घोषित किया हुआ है। ये सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं। कीथ ने शुक्रवार को कहा, “मैं आश्चर्य में हूं, उन्हें जमानत नहीं मिली। उन्हें अचानक गिरफ्तार किया गया था ताकि बेल सिक्योरिटी तैयार ना हो सके।”

बता दें 48 वर्षीय नीरव मोदी को गिरफ्तारी के बाद लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में चीफ मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। ब्रिटेन की अदालत ने नीरव मोदी को जमानत देने से इनकार करते हुए 29 मार्च तक हिरासत में भेज दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 मार्च को होगी। इस बीच नीरव मोदी को जेल में रखा जाएगा। कीथ ने कहा कि नीरव के वकील अगली सुनवाई वाले दिन जमानत याचिका पेश कर सकते हैं।

कीथ ने नीरव की गिरफ्तारी को आम बताते हुए कहा, “इन मामलों में अकसर ऐसा होता है, जब वकील को केस तैयार करने का समय नहीं मिलता और जज के सामने जो जानकारी होती है वह उसी के आधार पर फैसला सुना देते हैं। इस हफ्ते एक जज जो कहता है जरूरी नहीं अगले हफ्ते दूसरा जज भी वही कहे। तथ्य अलग हो सकते हैं।” 

किशन सिंह, लोकेंद्र शर्मा और आइवर फ्लेचर का केस लड़ने वाले कीथ का कहना है कि जरूरी नहीं कि नीरव मोदी को जमानत मिल जाए। लेकिन अगर ना मिले को उसके वकील हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। नीरव मोदी ने होली भी लंदन के साउथ-वेस्ट स्थित हर मैजस्टी प्रिसन वांड्सवर्थ जेल में बिताई। 

कीथ का इस मामले में कहना है कि “यह काफी भीड़ वाली जेल है जहां हर तरह के आरोपी रहते हैं। जैसे हत्या करने के आरोपी से लेकर मानव तस्करी के आरोपी तक। ये कैटिगरी बी वाली जेल है जहां अधिक सुरक्षा भी उपलब्ध नहीं है। ये लंदन की रिमांड जेल में से एक है। नीरव मोदी को रिमांड विंग में रखा गया है। जो कैदी विंग से अलग है।”

नीरव को लंदन के एक बैंक से उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह वहां पर खाता खुलवाने की कोशिश कर रहा था। नीरव को उम्मीद थी कि उसे अलग सेल में रखा जाएगा लेकिन इसके उलट उसे भीड़भाड़ वाले सेल में रखा गया। इसका मतलब यह है कि उसे किसी और कैदी के साथ रहना पड़ा। इस समय जेल में कुल 1,430 पुरुष कैदी मौजूद हैं। एक व्यक्ति के लिए बने सेल में कई बार दो लोगों को रखा जाता है।

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को 13,500 करोड़ रुपये का चूना लगाकर विदेश भागे हीरा कारोबारी नीरव मोदी को अगली याचिका की सुनवाई के बाद जमानत मिल सकती है। ये बात प्रत्यर्पण के मामले लड़ने वाले एक ब्रिटिश वकील ने कही है। 

विशेष रूप से प्रत्यर्पण के मामले लड़ने वाले ये वकील बेन कीथ ऐसे ही तीन और लोगों के मामले भी लड़ रहे हैं, जिन्हें भारत सरकार ने वॉन्टिड घोषित किया हुआ है। ये सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं। कीथ ने शुक्रवार को कहा, “मैं आश्चर्य में हूं, उन्हें जमानत नहीं मिली। उन्हें अचानक गिरफ्तार किया गया था ताकि बेल सिक्योरिटी तैयार ना हो सके।”

बता दें 48 वर्षीय नीरव मोदी को गिरफ्तारी के बाद लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में चीफ मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। ब्रिटेन की अदालत ने नीरव मोदी को जमानत देने से इनकार करते हुए 29 मार्च तक हिरासत में भेज दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 मार्च को होगी। इस बीच नीरव मोदी को जेल में रखा जाएगा। कीथ ने कहा कि नीरव के वकील अगली सुनवाई वाले दिन जमानत याचिका पेश कर सकते हैं।

कीथ ने नीरव की गिरफ्तारी को आम बताते हुए कहा, “इन मामलों में अकसर ऐसा होता है, जब वकील को केस तैयार करने का समय नहीं मिलता और जज के सामने जो जानकारी होती है वह उसी के आधार पर फैसला सुना देते हैं। इस हफ्ते एक जज जो कहता है जरूरी नहीं अगले हफ्ते दूसरा जज भी वही कहे। तथ्य अलग हो सकते हैं।” 

किशन सिंह, लोकेंद्र शर्मा और आइवर फ्लेचर का केस लड़ने वाले कीथ का कहना है कि जरूरी नहीं कि नीरव मोदी को जमानत मिल जाए। लेकिन अगर ना मिले को उसके वकील हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। नीरव मोदी ने होली भी लंदन के साउथ-वेस्ट स्थित हर मैजस्टी प्रिसन वांड्सवर्थ जेल में बिताई। 

कीथ का इस मामले में कहना है कि “यह काफी भीड़ वाली जेल है जहां हर तरह के आरोपी रहते हैं। जैसे हत्या करने के आरोपी से लेकर मानव तस्करी के आरोपी तक। ये कैटिगरी बी वाली जेल है जहां अधिक सुरक्षा भी उपलब्ध नहीं है। ये लंदन की रिमांड जेल में से एक है। नीरव मोदी को रिमांड विंग में रखा गया है। जो कैदी विंग से अलग है।”

नीरव को लंदन के एक बैंक से उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह वहां पर खाता खुलवाने की कोशिश कर रहा था। नीरव को उम्मीद थी कि उसे अलग सेल में रखा जाएगा लेकिन इसके उलट उसे भीड़भाड़ वाले सेल में रखा गया। इसका मतलब यह है कि उसे किसी और कैदी के साथ रहना पड़ा। इस समय जेल में कुल 1,430 पुरुष कैदी मौजूद हैं। एक व्यक्ति के लिए बने सेल में कई बार दो लोगों को रखा जाता है।




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